हमारे बारे में — साहित्यकार की यात्रा

मथुरा की पावन धरा से शुरू हुआ एक कलात्मक आंदोलन, जो हर नए रचनाकार को भयमुक्त और नि:शुल्क मंच देने के लिए समर्पित है।

WHY WE EXIST

साहित्यकार की स्थापना का उद्देश्य

अक्सर देखा जाता है कि नए और उभरते कवियों, कहानीकारों, और मंच कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए या तो मंचीय अवसर नहीं मिलते, या उनसे अत्यधिक शुल्क लिया जाता है।

इसी विषमता को समाप्त करने के लिए साहित्यकार (Sahityakaar) की शुरुआत मथुरा, उत्तर प्रदेश में की गई। साहित्यकार का स्पष्ट मानना है कि प्रतिभा किसी शुल्क या सिफारिश की मोहताज नहीं होनी चाहिए।

"हमारा लक्ष्य एक ऐसा खुला और आत्मीय मंच बनाना है जहां हर नवांकुर कलाकार बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी बात कह सके।"

Sahityakaar Foundation Story
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हमारा लक्ष्य (Mission)

उभरते कवियों, लेखकों और मंच कलाकारों की खोज करना, उन्हें नि:शुल्क मंचीय अवसर देना और उन्हें एक सशक्त रचनात्मक समुदाय से जोड़ना।

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हमारी दृष्टि (Vision)

ब्रज और उत्तर प्रदेश के हर युवा रचनाकार को मंच से लेकर प्रकाशन तक का एक मुफ़्त, पारदर्शी और निरंतर मार्ग प्रदान करना।

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हमारे मूल्य (Core Values)

निष्पक्षता, वित्तीय पारदर्शिता, नवांकुरों को प्रोत्साहन, कलात्मक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण।

परफॉर्म • सीखें • कमाएं की विस्तृत रूपरेखा

1. PERFORM (प्रस्तुति)

साहित्यकार नियमित रूप से open mics, कवि सम्मेलनों, और काव्य गोष्ठियों का आयोजन करता है, जहां किसी भी प्रकार का प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाता।

2. LEARN (सीखें)

वरिष्ठ साहित्यकारों व अतिथि कवियों के साथ विशेष कार्यशालाएं, जहां लेखन की बारीकियों, छंद शास्त्र और मंचीय प्रस्तुति का प्रशिक्षण दिया जाता है।

3. EARN (कमाएं)

साहित्यकार प्रतियोगिताओं के माध्यम से कलाकारों को नकद पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करता है, ताकि उनकी कला को वित्तीय संबल मिले।

क्या आप एक कलाकार हैं?

साहित्यकार का मंच आपके लिए सदैव खुला है। आज ही हमसे जुड़ें और अपनी रचनात्मक यात्रा की शुरुआत करें।

कलाकार के रूप में जुड़ें